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योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा समेत 20 किसान नेताओं को दिल्ली पुलिस का नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

दिल्ली 28 जनवरी 2021 City On Click:

कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले करीब दो महीने से चल रहे किसानों का आंदोलन गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में हिंसा के बाद अब कमजोर पड़ता दिख रहा है। दिल्ली हिंसा को देखते हुए दिल्ली-नोएडा रोड पर स्थित चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने बुधवार से अपना धरना वापस ले लिया।

अब चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया। वहीं, दिल्ली-गाजियाबाद रोड पर भी यातायात बहाल हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह घायल पुलिसवालों को देखने अस्पताल जा सकते हैं। इधर, दिल्ली हिंसा को लेकर पुलिस ने 25 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं और 93 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। एक्टर दीप सिद्धू और लक्खा का भी नाम एफआईआर में दर्ज है।

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योगेंद्र यादव, सिरसा समेत 20 नेताओं को दिल्ली पुलिस का नोटिस

दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली के संबंध में पुलिस के साथ हुए समझौते को न मानने के लिए योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर एस राजेवाल सहित कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किए हैं। उन्हें 3 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।

घायल पुलिस वालों को देखने जाएंगे अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा में घायल पुलिसवालों का हाल जानने के लिए नॉर्थ दिल्ली के दो अस्पतालों का दौरा करेंगे।

दिल्ली पुलिस ने खोला एनएच-24

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि एनएच-24 खोल दिया गया है, जिससे दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाला रूट बहाल हो गया है।

गाजीपुर बॉर्डर पर बिजली काटे जाने का आरोप

गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने देर रात उनकी बिजली काट दी। किसानों को रात भर यह डर सताता रहा कि पुलिस देर रात पुलिस कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। आंदोलन स्थल पर राकेश टिकैत ने कहा कि इस बाबत वह प्रशासन से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वैचारिक क्रांति है, यह खत्म नहीं होगी।

बागतप से हटाए गए प्रदर्शनकारी किसान

बागपत में जिला प्रशासन की ओर से बुधवार रात प्रदर्शनकारी किसानों को हटाया गया। बागपत के एडीएम ने कहा कि एनएचएआई ने एक पत्र लिखकर काम को पूरा करने का अनुरोध किया था। किसानों के प्रदर्शन की वजह से एनएचएआई के काम में देरी हो रही थी।

चिल्ला बॉर्डर से हटे टेंट

चिल्ला बॉर्डर पर बीकेयू (भानू) के विरोध प्रदर्शन वापस लेने के ऐलान के बाद ही टेंट हटाए जाने लगे।

बीकेयू (भानु) ने धरना वापस लिया, 57 दिन बाद चिल्ला बॉर्डर खुला

नए कृषि कानूनों को लेकर करीब दो माह से दिल्ली-नोएडा रोड पर स्थित चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने बुधवार से अपना धरना वापस ले लिया। दिल्ली में मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटना और राष्ट्र ध्वज के अपमान से आहत होकर भानु गुट ने धरना वापस लिया है। वहीं लोक शक्ति दल ने अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। नोएडा यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीकेयू (भानु) के विरोध वापस लेने के साथ ही चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया।

भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कल ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह से दिल्ली में पुलिस के जवानों के ऊपर हिंसक हमला हुआ तथा कानून व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ाई गई, इससे वे काफी आहत हैं। गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन (भानू) नये कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहा था। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 57 दिनों से बंद था।

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