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Whatsapp OTP Scam: हैकर्स के जाल से बचना है तो रखें इन बातों का ध्यान

दिल्ली 23 नवंबर 2020 City On Click:

व्हाट्सएप भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे मशहूर इंस्टेंट मैसेजिंग एप है। यही वजह है कि अब हैकर्स की नजर व्हाट्सएप यूजर्स को निशाना बनाने पर है। हैकर्स ने इसके लिए एक नया तरीका भी खोज लिया है। यूजर्स को OTP Scam के जरिए शिकार बनाया जा रहा है। जरा सी गलती पर जालसाजों को आपके व्हाट्सएप अकाउंट का एक्सेस मिल जाएगा। ऐसे में जरूर है कि आप व्हाट्सएप ओटीपी स्कैम को समझें और बचन के उपाय जान लें।

क्या है Whatsapp OTP Scam?

आमतौर पर हैकर्स आपके दोस्त या रिश्तेदार बनकर SMS, फेसबुक मैसेंजर या किसी और तरीके से संपर्क करते हैं। वे आपसे कहेंगे कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट गलती से लॉगआउट हो गया है और उन्हें आपकी मदद चाहिए। वे दावा करेंगे कि अकाउंट लॉगआउट हो जाने की वजह से उन्हें ओटीपी नहीं मिल पा रहा और वे अपनी जगह आपके नंबर पर ओटीपी भेज रहे हैं। आपके नंबर पर व्हाट्सएप की तरफ से एक ओटीपी आता है और जैसे ही आप जालसाज को कोड बताते हैं, आपका अकाउंट लॉगआउट हो जाता है। ओटीपी देने का मतलब है कि अब हैकर को आपके अकाउंट का एक्सेस मिल गया है।

किस तरह काम करता है स्कैम

दरअसल, यूजर्स जब भी किसी नए स्मार्टफोन पर अपना व्हाट्सएप अकाउंट चलाना चाहते हैं तो उन्हें एक प्रोसेस से गुजरना होता है। इसके लिए नए डिवाइस में एप ओपन करके अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना पड़ता है। सिक्यॉरिटी के लिए उसी नंबर पर एक OTP जाता है, जिसे डालने पर नए फोन में पुराना व्हाट्सएप अकाउंट शुरू हो जाता है। इसी प्रक्रिया का फायदा हैकर्स उठाते हैं और किसी नए फोन में आपका मोबाइल नंबर डालकर आपसे ओटीपी पूछ लेते हैं। सही ओटीपी डालते ही उनके फोन पर आपका व्हाट्सएप शुरू हो जाता है।

ओटीपी स्कैम से कैसे बचें

सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि व्हाट्सएप कभी भी खुद से OTP नहीं भेजता, जब तक कि आप नए फोन पर रजिस्टर्ड न कर रहे हों। अगर आपकी बिना मर्जी कभी ओटीपी आता भी है तो इसे किसी से भी साझा न करें। यहां तक कि अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ भी नहीं। अगर आप गलती से इस स्कैम का शिकार हो भी जाते हैं तो तुरंत व्हाट्सएप पर मोबाइल नंबर डालें और नया ओटीपी मंगाकर फिर से लॉगिन कर लें। इससे दूसरी किसी डिवाइस पर आपका अकाउंट बंद हो जाएगा।