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झारखण्ड

झारखंड के दो लाख प्रवासी मजदूरों को मिले 1000 रुपए, 42 हजार लोगो के आवेदन हुए रद्द

रांची 10 मई 2020 City On Click :

मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत आवेदन करने वाले 42 हजार मजदूरों का आवेदन रद्द हो गया है। इनमें सबसे अधिक मजदूर गिरिडीह के हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर पलामू और तीसरे पर गढ़वा के मजदूर हैं। मजदूरों के अवादेन रद्द किए जाने के अलग-अलग कारण बताए गए हैं। अब इस योजना के तहत फिलहाल पंजीकरण बंद कर दिया गया है। मजदूरों के खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि जाने लगी है। 

तीन लाख में अब तक दो लाख को मिली राशि

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवासी मजदूरों की सहयाता के लिए 25 अप्रैल को एप की शुरुआत की थी। इस एप पर मजदूरों को पंजीकरण कराना था। पंजीकृत मजदूरों को सरकार ने सहायता राशि देने की घोषणा की थी। सहायता एप पर 3,06786 प्रवासी मजदूरों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 2,64391 आवेदन को स्वीकृत किए गए। स्क्रूटनी के क्रम में 42,395 प्रवासी मजदूरों के आवेदन रद्द किये गए। अधिकारियों के मुताबिक 8,803 मजदूरों ने जानकारी सही नहीं दी थी, तो 3062 आवेदनों में सही खाता नंबर नहीं था। इसी तरह आवेदन में कुछ अन्य खामियां थी। शनिवार तक 1,99,618 मजदूरों के खाते में एक हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से खाते में भेजे जा चुके हैं। 

सबसे अधिक गिरिडीह के आवेदनकर्ता

आवेदन करने और रद्द होने में गिरिडीह राज्य में पहले स्थान पर है। राज्य के बाहर फंसे मजदूरों में सबसे अधिक 67280 गिरिडीह के मजदूरों ने पंजीकरण कराया था। आवेदन रद्द भी सबसे अधिक 9753 इसी जिले का हुआ है। इसी तरह पलामू के 32738 प्रवासी मजदूरों ने पंजीकरण कराया ता, जिनमें 4749 का आवेदन रद्द हुआ। गढ़वा के 25,811 पंजीकृत प्रवासी मजदूरों में 3613 का आवेदन रद्द हुआ।

एक नजर में सहायता एप की स्थिति

पंजीकृत कुल प्रवासी मजदूरः 3,06,786

नौ मई तक मजदूरों को मिली राशिः 1,99,608

रद्द किए गए आवेदनः 42,395