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अमरनाथ यात्रा में बाधा बने अलगाववादी, जम्मू से यात्रियों की आवाजाही रोकी गई

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के बंद का असर अमरनाथ यात्रा पर देखने को मिला है. अलगाववादियों के बंद के कारण एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा रोक दी गई. इसके कारण अमरनाथ यात्रा का जत्था आगे नहीं जा सकेगा. यात्रियों को शनिवार को जम्मू-कश्मीर में नहीं जाने दिया गया. कश्मीर में अलगाववादियों ने एक दिन का बंद बुलाया है.

अलगाववादियों के बंद के आवाह्न को देखते हुए सुरक्षा बल अलर्ट पर है. घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा बल चप्पे चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं. अलगाववादियों के संयुक्त संगठन ज्वाइंट रजिस्टेंस लीडरशीप के श्रीनगर बंद की कॉल के बीच आज सुरक्षा बलों को अलग-अलग गाड़ियां न ले जाने की हिदायत दी गई है.

साथ ही सुरक्षा बलों और आर्मी को कश्मीर के आंतरिक इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है.

8 जुलाई को रोकी गई यात्रा

इससे पहले 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर अलगाववादियों ने विरोध प्रदर्शन के कारण अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के जत्थे को रवाना होने से रोका गया था. बता दें कि आतंकी बुरहान वानी अपने दो साथियों के साथ 8 जुलाई, 2016 को अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया था.

अमरनाथ यात्रा पर सियासत

अमरनाथ यात्रा पर सियासी होती हुई भी देखी गई. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि चल रही अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कश्मीर के लोगों के विरुद्ध है. उन्होंने कहा था कि सालाना यात्रा के लिए सुरक्षा के प्रबंधों से कश्मीर के लोगों को असुविधा हो रही है. मुफ्ती के अलावा जम्मू-कश्मीर पीपल्स मूवमेंट के अध्यक्ष शाह फैसल ने अमरनाथ गुफा मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुए कहा था कि तीर्थयात्रा के कारण स्थानीय लोगों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिए.