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शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 38000 के ऊपर खुला, निफ्टी भी हरे निशान पर

दिल्ली 28 जुलाई 2020 City On Click:

शेयर बाजार मंगलवार को भी मजबूती के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 117.45 अंकों की तेजी के साथ 38,052.18 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसएई का निफ्टी भी कारोबार की शुरुआत हरे निशान से की। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 54.95 अंकों की तेजी के साथ 11,186.75 के स्तर पर था तो वहीं सेंसेक्स 185.76 अंकों की उछाल के साथ 38,120.49 के स्तर पर।

सोमवार का हाल

बैंकिंग शेयरों में लगातार बिकवाली दबाव से सोमवार को बंबई शेयर बाजार का संसेक्स उतार- चढ़ाव भरे कारोबार में 194 अंक घटकर 37,935 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 62.35 अंक यानी 0.56 प्रतिशत गिरकर 11,131.80 अंक पर बंद हुआ। एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला जुला रुख रहा। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता मनमुटाव और चीन तथा दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के नये मामले सामने आने के बाद बाजार मिले जुले रुख के साथ बंद हुये।

हिंदुस्तान मीडया वेंचर्स का शुद्ध लाभ 73.51 प्रतिशत गिरा

हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 73.51 प्रतिशत गिरकर 10.28 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 38.81 करोड़ रुपये था। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को बताया कि समीक्षावधि में कुल आय 139.3 करोड़ रुपये रही। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की 239.1 करोड़ रुपये की कुल आय से 41.73 प्रतिशत कम है। हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स दैनिक हिंदी समाचार पत्र हिंदुस्तान और नंदन, कादम्बिनी जैसी पत्रिकाओं का प्रकाशन करती है।

सेबी ने केयर रेटिंग्स पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया

बाजार नियामक सेबी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र को क्रेडिट रेटिंग देने में चूक के मामले में केयर रेटिंग्स पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। यह मामला आरकॉम के 375 करोड़ रुपये की मूल राशि के पुनर्भुगतान और फरवरी 2017 तथा मार्च 2017 में 9.7 करोड़ रुपये के ब्याज भुगतान में चूक से संबंधित है। केयर रेटिंग्स ने मई 2017 में आरकॉम द्वारा जारी किए गए गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्रों की रेटिंग को घटाकर उसे डिफाल्ट की श्रेणी में रख दिया था। सेबी ने पाया कि केयर रेटिंग्स समय से आरकॉम की साख को प्रभावित करने वाले कारकों की निगरानी करने में विफल रही, जिसके चलते रेटिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और रेटिंग को घटाने में काफी देरी हुई।