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गाजीपुर बॉर्डर पर लगाई गई धारा 144, वज्र वाहन भी पहुंचे, किसान और पुलिस आमने सामने

दिल्ली 28 जनवरी 2021 City On Click:

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किला और विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा के बाद किसानों के आंदोलन को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नए कृषि कानूनों के विरोध में करीब दो महीनों ने यूपी गेट और गाजीपुर बॉर्डर डेरा डालकर बैठे किसानों को हटाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। इसके लिए धरनास्थलों के बिजली-पानी काटकर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बढ़ी तादाद को देखकर किसान आशंकित दिख रहे हैं। वहीं, राकेश टिकैत के भाषण में बल पूर्वक हटाए जाने का डर दिख रहा है। किसान नेता आगे की रणनीति को लेकर आपस में बैठक कर रहे हैं।

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गाजीपुर बॉर्डर : लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने सफाई के साथ चेतावनी देते हुए कहा कि वह यूपी गेट से गुजर रहे थे। रविवार को उन्होंने पंचायत बुलाई है। उस समय तक किसान नहीं हटे तो वह खुद हटा देंगे।

गाजीपुर बॉर्डर : भाजपा पार्षद मनोज गोयल के साथ स्थानीय लोगों ने पुलिस से किसानों को हटाने की मांग की।

गाजीपुर बॉर्डर : लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने विधायक नंदकिशोर गुर्जर को मनाकर वापस भेज दिया है। विधायक ने बताया अगर रविवार तक सभी देशद्रोही बॉर्डर से नहीं उठे तो वह खुद बॉर्डर खाली कराएंगे।

गाजीपुर बॉर्डर : मंडलायुक्त और एडीजी भी पहुंचे यूपी गेट के धरनास्थल पर पहुंचे।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि 26 जनवरी को हिंसा में शामिल होने और कानूनों का उल्लंघन करने के कारण बुराड़ी के डीडीए ग्राउंड से लगभग 30 किसान सिंघु बॉर्डर की ओर चले गए हैं और लगभग 15 अन्य किसानों को हिरासत में लिया गया है। बुराड़ी का मैदान खाली कराया जा रहा है।

दिल्ली : एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसीपी ललित मोहन नेगी को यूएपीए का नया जांच अधिकारी बनाया गया जो लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराने की घटना और दंगों के लिए रची गई साजिश की जांच करेंगे।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का धरना खत्म कराने के लिए धारा-144 लगाई गई। बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर दोनों तरफ से बंद किया गया।

गाजीपुर बॉर्डर : गाजियाबाद एडीएम सिटी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि सीआरपीसी की धारा 133 (उपद्रव हटाने के सशर्त आदेश) के तहत किसानों को एक नोटिस दिया गया है।

राकेश टिकैत ने कहा कि हम यहीं बैठे रहेंगे, गांव से पानी आएगा तभी पीऊंगा। देश ने मुझे झंडे दिए तो पानी भी देगा। उन्होंने भाजपा पर आंदोलन को साजिश के तहत खराब करने का आरोप लगाया है।

राकेश टिकैत ने कहा कि हम अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे और सरकार से बातचीत होने तक धरनास्थल खाली नहीं करेंगे। प्रशासन ने पानी और बिजली की आपूर्ति सहित बुनियादी सुविधाओं को हटा दिया है। हमें अपने गांवों से पानी मिलेगा।

गाजीपुर बॉर्डर : प्रशासन द्वारा पानी और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं हटाए जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अनशन शुरू करने का ऐलान किया।

राकेश टिकैत ने कहा कि हमारे साथ अत्याचार किया जा रहा है। कृषि कानून वापस नहीं हुए तो वह आत्महत्या कर लेंगे।

गाजीपुर बॉर्डर : भावुक होकर रोते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि किसान को मारने की कोशिश की जा रही है। मैं किसान को बर्बाद नहीं होने दूंगा।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जबर्दस्ती से किसान आंदोलन बंद नहीं होगा। जब तक सांस चलेगी तब तक लड़ेंगे। अभी हमारी कोई योजना नहीं है। अभी हम मीटिंग करेंगे। पता नहीं सरकार क्या-क्या षड्यंत्र करती है।