Protest
रांची

कृषि कानून के विरोध में रांची में चक्का जाम, ढाई घंटे तक रांची में प्रवेश पर लगी रही पाबंदी

रांची 6 फरवरी 2021 City On Click:

कृषि कानून के विरोध में शनिवार को रांची के बूटी मोड़ और कांटीटांड़ में वाम मोर्चा के विभिन्न संगठन, कांग्रेस, जेएमएम, आरजेडी के कार्यकर्ता ने चक्का जाम कर रास्ता रोक दिया। इस दौरान कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी मौजूद रहे। करीब ढाई घंटे तक रांची से बाहर निकलने व अंदर आने पर पाबंदी लगी रही। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। चक्का जाम समर्थक संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी रास्ता रोको कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया। इस सड़क जाम से रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो का यातायात पूरी तरह ठप हो गई।

जाम में फंसे ट्रक ड्राइवरों को आंदोलनकारियों ने खाना भी खिलाया

वहीं, इस जाम की वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब 4 KM दूर तक जाम लग गया। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस को आगे निकलने के लिए जगह दी गई। पर जाम होने की वजह से ड्राइवर को एंबुलेंस को आगे निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया गया। इधर, रांची स्थित NH-33 लोवाडीह दुर्गा सोरेन चौक को जाम करने से सिल्ली और पुरूलिया से आने वाली गाड़ियों की भी लंबी कतार लग गई। लोगों को इस रूट से जमशेदपुर जाने में भी समस्या का सामना करना पड़ा। इस रूट पर छोटी गाड़ियां वैकल्पिक रास्तों से निकल गईं पर बड़े मालवाहक गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। यहां जाम में फंसे कई ट्रक ड्राइवर को चक्का जाम समर्थकों ने खाना भी खिलाया।

आज पूरे देश में किसान, नौजवान और सभी गठबंधन के दल शांतिपू्र्ण तरीके से सड़क पर हैं: कृषि मंत्री

इस मौके पर कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि आज पूरे देश में किसान, नौजवान और सभी गठबंधन के दल शांतिपू्र्ण तरीके से सड़क पर हैं। केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानून, किसानों के डेथ वारंट को वापस नहीं ले लिया जाएगा, हम लोग इसी तरह सदन पर, सड़क पर लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें मजबूर कर देंगे। 10, 13 और 30 फरवरी को झारखंड में कई जगह कई कार्यक्रम होंगे। इस कानून पर स्टेट की विधानसभा पर बहस होनी चाहिए थी। पर ऐसा नहीं किया गया।

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