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बैंकों को तय समय में निपटानी होंगी शिकायते, RBI ने जारी की गाइडलाइंस

दिल्ली 4 फरवरी 2021 City On Click:

ग्राहकों की शिकायत की अनदेखी करना बैंकों को भारी पड़ने वाला है। बैंक ग्राहकों की ओर से बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नई गाइडलाइंस जारी किया है। इसके तहत बैंकों को ग्राहकों की ओर से मिली शिकायत का निपटारा तय समयसीमा के अंदर करना होगा। ऐसा नहीं करने पर बैंक से शिकायतों का निपटारा करने में जो भी खर्च आएगा वो वसूला जाएगा।

हालांकि, ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहकों से शिकायत की सुनवाई पर पहले की ही तरह कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। आरबीआई ने हाल के दिनों में तेजी से बढ़ती शिकायतों को देखते हुए बैंकों को अपना शिकायत निवारण तंत्र को समयबद्ध तरीके से सुधारने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर बैंकों के खिलाफ पर्यवेक्षी कार्रवाई की चेतावनी दी है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि एक सख्त शिकायत निवारण तंत्र बैंकिंग कारोबार का हिस्सा है। इससे बैंक मुंह नहीं मोड़ सकते हैं।

ज्यादा शिकायत के आधार पर खर्च की वसूली

आरबीआई की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, बैंकों से खर्च की वसूली समान साइज के बैंकों की तुलना में ज्यादा शिकायतें होने पर लागू होंगी। इसका आधार बैंकिंग ओम्बुड्समैन होगा। केवल उन्हीं मामलों में खर्च वसूला जाएगा जो सुनवाई के लायक होंगी। बैंकों को यह भी ब्यौरा देना होगा कि शीर्ष पांच शिकायतें किस सेवा से जुड़ी हैं।

बैंक के कामकाज की समीक्षा होगी

अगर किसी बैंक को लेकर शिकायतें बढ़ती हैं तो निपटारे की समीक्षा की जाएगी। साथ ही ये भी देखा जाएगा कि शिकायतों के निपटारे को लेकर प्रबंधन कितना गंभीर है। बैंक के ग्राहक सेवा विभाग के कामकाज की भी समीक्षा की जाएगी। इन सभी समीक्षाओं के बाद आरबीआई संबंधित बैंक को एक कार्य योजा बनाकर भी देगा, जिसे बैंक को तय समयसीमा के अंदर लागू करना होगा। अगर बैंक ऐसा करने में नाकाम रहा तो उसके ऊपर नियामकीय कार्रवाई होगी। बैंकों को अपनी सालाना रिपोर्ट में शिकायतों को लेकर ब्योरा भी देना होगा

शिकायतों के आधार पर खर्च वसूली का पैमाना

बैंक की शिकायतें ज्यादा हैं, इसे तय करने के लिए आरबीआई ने तीन पैमाने तय किए हैं

पैमाना 1- प्रति शखा शिकायत औसत शिकायत से अधिक होना

पैमाना 2- प्रति हजार खातों पर आई हुई शिकायतों की संख्या

पैमाना 3- औसत 1000 डिजिटल लेनदेन पर कितने शिकायत

चार तरह से वसूली जाएगी निपटारे का खर्च

अगर किसी एक पैमाने पर बैंक की शिकायतें अधिक हैं तो 30 फीसदी खर्च की वसूली होगी।

अगर किसी दो पैमाने पर बैंक की शिकायतें अधिक हैं तो 60 फीसदी खर्च की वसूली की जाएगी।

तीनों पर औसत से अधिक शिकायतें हैं तो पूरे खर्च की रिकवरी बैंक से की जाएगी।

प्रति शिकायत वसूली साल के औसत खर्च से तय होगी ।

किन-किन मामलों के शिकायतों पर लागू

एटीएम, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन बैंकिंग, मिस सेलिंग, रिकवरी एजेंट, लोन और एडवांस, बिना नोटिस चार्ज, चेक, ड्राफ्ट, स्टाफ का व्यवहार आदि मामलों के शिकायतों पर नई गाइडलाइंस जारी होगी।

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