राष्ट्रीय

राष्ट्र के नाम संदेश दिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया .कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पीएम मोदी ने पहली बार देश को संबोधित किया। पिछली बार प्रधानमंत्री मोदी ने 27 मार्च को देश को उस वक्त संबोधित किया था, जब भारत ने एंटी-सैटलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण करते हुए एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया था. उस वक्त देश में आचार संहिता लागू थी और 11 अप्रैल से 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव होने थे.

मंगलवार को संसद में जम्मू-कश्मीर को संविधान में आर्टिकल 370 के तहत मिले विशेषाधिकार को हटा लिया. साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रूप में बांटने वाले बिल को भी मंजूरी दे दी. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को देश को 7 अगस्त को संबोधित करना था. लेकिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन के बाद इसे स्थगित करना पड़ा.

पीएम नरेंद्र मोदी लाइव अपडेट्स:

-मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता अलगाववाद को परास्त करके नई आशाओं के साथ आगे बढ़ेगी.

-मैं राज्य के गवर्नर से ये भी आग्रह करूंगा कि ब्लॉक डवलपमेंट काउंसिल का गठन, जो पिछले दो-तीन दशकों से लंबित है, उसे पूरा करने का काम भी जल्द से जल्द किया जाए.

-जम्मू कश्मीर में जैसे पंचायत के चुनाव पारदर्शिता के साथ हुए, वैसे ही विधानसभा के भी चुनाव होंगे.

-जम्मू कश्मीर में राजस्व घाटा बहुत ज्यादा है. केंद्र सरकार सुनिश्चित करेगी की इसके प्रभाव को कम किया जाए.

-लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा. वहीं हालात सुधरने के बाद जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य बनाया जाएगा.

-जम्मू-कश्मीर प्रशासन में एक नई कार्य संस्कृति लाने, पारदर्शिता लाने की कोशिश की है. इसी का नतीजा है कि IIT, IIM, एम्स, पावर प्रोजेक्ट्स या फिर एंटी करप्शन ब्यूरो इन सबके काम में तेजी आई है.

-केंद्र की पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

-जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में केंद्रीय और राज्य के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इससे स्थानीय नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.

-नई व्यवस्था में केंद्र सरकार की ये प्राथमिकता रहेगी कि राज्य के कर्मचारियों को, जम्मू-कश्मीर पुलिस को, दूसरे केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारियों और वहां की पुलिस के बराबर सुविधाएं मिलें.

-देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसे कानून लागू नहीं होते थे.

-देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे.

-हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर देश की भलाई के लिए काम करती है.

-आर्टिकल 370 और 35ए इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान की ओर से एक शस्त्र की तरह उपयोग किया जा रहा था.

-आर्टिकल 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने में फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया.

-समाज जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों को स्थाई मान लिया जाता है. अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था. उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहनों की जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं होती थी.

-जो सपना सरदार पटेल का था, बाबा साहेब अंबेडकर का था, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का था, अटल जी और करोड़ों देशभक्तों का था, वो अब पूरा हुआ है. अब देश के सभी नागरिकों के हक और दायित्व समान हैं.

-एक राष्ट्र के तौर पर, एक परिवार के तौर पर, आपने, हमने, पूरे देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो हम सबके प्रयासों से अब दूर हो गई है.

-जम्मू कश्मीर के लोग तमाम अधिकारों से वंचित थे.

-जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को बहुत-बहुत बधाई- पीएम मोदी